पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में दीघा में एक भव्य जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन किया। यह मंदिर ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है और इसके निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आई है।
*मंदिर की विशेषताएं:*
– *कलिंग स्थापत्य शैली*: मंदिर का निर्माण कलिंग स्थापत्य शैली में किया गया है।
– *ऊंचाई और निर्माण*: मंदिर की ऊंचाई 65 मीटर है और इसके निर्माण में 2,000 से अधिक कारीगरों ने 3 साल तक काम किया है।
– *सामग्री*: मंदिर के निर्माण में राजस्थान के लाल पत्थर और वियतनाम से आयातित मार्बल का उपयोग किया गया है।
– *मंडप और सुविधाएं*: मंदिर में तीन मंडप हैं और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के रहने और आराम करने के लिए जगह के अलावा दमकल स्टेशन और पुलिस चौकी भी होगी।
*राजनीतिक प्रतिक्रिया:*
– *विपक्ष की आलोचना*: विपक्ष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि सरकार सार्वजनिक रकम का इस्तेमाल धार्मिक स्थलों के निर्माण के लिए नहीं कर सकती।
– *तृणमूल कांग्रेस का बचाव*: तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह मंदिर स्थानीय लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए बनाया गया है।
*भविष्य की संभावनाएं:*
– *विधानसभा चुनाव*: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस मंदिर के निर्माण को ममता बनर्जी की राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
– *बीजेपी के हिंदुत्ववादी एजेंडे का मुकाबला*: यह कदम ममता बनर्जी के लिए बीजेपी के हिंदुत्ववादी एजेंडे का मुकाबला करने का एक हथियार हो सकता है।





