13 दिसंबर 2001 का दिन भारतीय इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। इस दिन, आतंकवादियों ने भारतीय संसद भवन पर घातक हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। यह हमला न केवल देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा था, बल्कि हमारे लोकतंत्र पर भी हमला था। इस हमले में हमारे बहादुर सैनिकों, पुलिसकर्मियों और संसद सुरक्षा बल के शहीद हुए अमर सपूतों ने अपनी जान की आहुति दी, ताकि भारत की संसद और लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे। उन्होंने अपने प्राणों की बाजी लगाकर हमलावरों को नाकाम किया और संसद भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की।
भारत की लोकतंत्र के मंदिर पर 13 दिसंबर 2021 को आतंकवादी हमला हुआ था





