कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा हाल ही में छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक शहर सिरपुर जाने का मौका मिला। ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासतों के लिए मशहूर इस शहर का लक्ष्मण मंदिर तकरीबन 1700 साल पुराना है। लाल ईंटों से बना भारत का यह शायद पहला मंदिर है जिसकी नागर शैली बेहद अनूठी है। मंदिर का गर्भगृह, उसके भीतर पांच फन वाले शेषनाग पर विराजमान लक्ष्मण जी की प्रतिमा, मंडप, तोरण, उसके ऊपर शेषशैय्या पर लेटे भगवान विष्णु, उनकी नाभि से ब्रम्हा जी का उद्भव, चरणों में मां लक्ष्मी जी एवं भगवान विष्णु के दशावतारों को बहुत सुंदर ढंग से चित्रित किया गया है। दीवारों पर बनी नक्काशी एवं कलाकृतियां अद्भुत हैं।
राजा हर्षगुप्त के निधन के बाद रानी वासटादेवी ने उनकी याद में यह मंदिर बनवाया था, इसलिए इसे प्रेम का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन काल में श्रीपुर के नाम से विख्यात सिरपुर दक्षिण कोशल की राजधानी हुआ करता था। सोमवंशी राजाओं ने यहां भगवान राम और लक्ष्मण जी के मंदिरों का निर्माण कराया था। सिरपुर वैष्णव, शैव, जैन और बौद्ध संस्कृतियों का एक प्रमुख केंद्र रहा है। पांचवी सदी में बसा यह प्राचीन शहर, भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर है।




