शिया हेल्प लाइन 10 रमजान 23 अप्रैल 2021
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन षुरू की गयी है जिस मे महिलाओं केप्रष्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
शिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12 बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
प्रश्न: कोरोना वबा के कारण सोशल डिस्टन्सिंग अमल करते हुए नमाज़ पढ़ी जा सकती है
उत्तर: अगर सोशल डिस्टन्सिंग एक मीटर तक है तो नमाज़ पढ़ी जा सकती है
प्रश्न: अगर कोई व्यक्ति रोज़ा की नियत जवाल के बाद करे तो रोज़ा सही होगा?
उत्तरः अगर कोई रोज़ेदार ज़ोहर के बाद नियत करता है तो एहतियाते वाजिब की बिना पर रोज़ा की बाद में कज़ा भी करेगा।
प्रश्न: ज़कात किस समय वाजिब होती है?
उत्तरः जिन चिज़ो पर जकात वाजिब है अगर वह नेसाब के बराबर हो और उसका मालिक बालिग़ व आक़िल व आज़ाद हो और माल पर पूरा एख्तेयार रखता हो तो जकात वाजिब होगी।
प्रश्न: क्या खुम्स साल के बचे हुए नकद माल पर वाजिब होगा?
उत्तरः खुम्स साल के खत्म होने पर माल और जो चिज़ बची होगी जैसे आटा, दाल, नया कपड़ा, जूता, सेंट वगैरा उन की की़मत पर खुम्स देना होगा।
प्रश्न: अगर कोई व्यक्ति बैठ कर नमाज़ पढ़ रहा है तो उसको रूकू में कितना झूकना चाहिए?
उत्तरः इस तरह उसको झूकना चाहिए कि उसका चेहरा ज़ानू के बराबर आ जाए।