Home / प्रश्न: क्या नमाजे़ आयात यानी सूरज गहन चाॅद गहन के समय जो नमाज़ पढ़ी जाती है वह हर व्यक्ति पर वाजिब है ?

प्रश्न: क्या नमाजे़ आयात यानी सूरज गहन चाॅद गहन के समय जो नमाज़ पढ़ी जाती है वह हर व्यक्ति पर वाजिब है ?

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कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन षुरू की गयी है जिस मे महिलाओं केप्रष्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
शिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12  बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।

 

प्रश्न: क्या फितरे की रकम रमजान में दी जा सकती है ?
उत्तर: फितरा चाॅद निकलने के बाद वाजिब होता है इस लिए 29 रमज़ान को देना चाहिए
प्रश्न: तीन रातों को शबे कद्र क्यों कहा जाता है ?
उत्तर: शबे कद्र को हज़ार महिनो से बेहतर कहा गया है इसलिए धर्म के जानकारो का मानना है कि  शबे 19/21/23 में से किसी एक रात को षबे कद्र कहा जाता है इसकी सही जानकारी मासूमीन अ0स0 के अलावा किसी दूसरे को नही है लेहाजा हमको आदेष दिया गया है कि तीनों रातों में इबादत करें ताकि जो अस्ल शबे कद्र हैे वह मिल जाए।
प्रश्न: क्या नमाजे़ आयात यानी सूरज गहन चाॅद गहन के समय जो नमाज़ पढ़ी जाती है वह हर व्यक्ति पर वाजिब है ?
उत्तर: हर समझदार और बालिग पर सूरज गहन और चाॅद गहन की नमाज़ वाजिब है अगर किसी ने समय पर नही पढ़ी है तो बाद में कज़ा पढ़ेगा ।
प्रश्न: क्या शबैं और शबे कद्र एक है ?
उत्तर: शबैं से मुराद वह रातें जिन में शहादते मौला का ग़म मनाया जाता है और षबे कद्र से मुराद वह रातें जिनका जिक्र र्कुआन में है।
प्रश्न: क्या कोई महिला अपने पति की आज्ञा के बेगैर एतेकाफ कर सकती है ?
उत्तर: अगर कोई महिला अपने पति की आज्ञा के बेगैर एतेकाफ करती है और पति खुष नही है तो एतेकाफ सही नही होगा।

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