आज पूरा भारत जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मना रहा है
वहीं उनके साथी लाल लाल बहादुर शास्त्री की 2 अक्टूबर को जन्मदिन जयंती मान रहा है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-सा राहुल गांधी प्रियंका गांधी सोनिया गांधी सत्ता पक्ष व विपक्ष के सभी नेता लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर गए लाल बहादुर शास्त्री की बारे में संक्षिप्त और हम जानकारी,
शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे, और जब लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था ¹।
*लाल बहादुर शास्त्री का संघर्ष और आजादी के लिए योगदान*
लाल बहादुर शास्त्री ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया और अपनी पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने ब्रिटिश शासन की अवज्ञा में स्थापित किये गए कई राष्ट्रीय संस्थानों में से एक वाराणसी के काशी विद्या पीठ में शामिल हुए। उन्होंने कई विद्रोही अभियानों का नेतृत्व किया एवं कुल सात वर्षों तक ब्रिटिश जेलों में रहे ¹।
*उपदेश और किताबें*
लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन में कई प्रेरक उपदेश दिए, जिनमें से एक प्रसिद्ध उपदेश है: जीवन में सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा धर्म देश की सेवा करना है।” उन्होंने कई किताबें भी लिखीं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
– _काशी विद्या पीठ की स्मृतियाँ_
– _आजादी की लड़ाई में मेरा योगदान_
– _भारत की आजादी की कहानी_
*राजनीतिक जीवन*
आजादी के बाद, लाल बहादुर शास्त्री ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उन्हें उत्तर प्रदेश का संसदीय सचिव नियुक्त किया गया और बाद में वे गृह मंत्री भी बने। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई विभागों का प्रभार संभाला, जिनमें रेल मंत्री, परिवहन एवं संचार मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और गृह मंत्री शामिल हैं ¹।



