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पांच वर्षों से निरंतर शिया एवं अन्य गरीबों को शिक्षा देने में प्रयासरत है यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट

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सम्पादक। दि रिवोल्यूशन न्यूज़

आज द रिवोल्यूशन न्यूज़ के संपादक श्री बहार जैदी ने उम्मे रबाब इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड एजुकेशन *यूरिट एजुकेशन* के निदेशक श्री सैयद मोहम्मद अली तक़वी से मुलाकात की और इंस्टिट्यूट के बारे में जानना चाहा।
श्री तक़वी ने बताया कि इस संस्थान की शुरुआत 22 नवंबर 2016 को हुई थी। श्री तक़वी ने बताया के 2000 से 2016 तक लगातार नौकरी करने के पश्चात या अंदाजा हो गया था कि हर तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है कोई भी समाज और कौम की तरक्की के बारे में नहीं सोच रहा है। इन्हीं बातों के जहन में आने के बाद अपने विचारों को अमलीजामा पहनाने के लिए इस इंस्टिट्यूट की स्थापना की। उन्होंने बताया कि इस संस्थान की स्थापना करने के लिए बहुत कष्ट उठाने पड़े। पिछले साल लॉकडाउन ने भी इस स्थिति को और खराब कर दिया लेकिन इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी और इस संस्थान को चलाने के लिए वह कई बार बैंक से लोन भी ले चुके हैं जिसकी किस्तें अभी भी चुका रहे हैं।
शिया के होने के कारण शिया बच्चों के लिए वह ज्यादा प्रयत्नशील रहते हैं लेकिन इसके बावजूद अगर कहीं कोई गरीब जरूरतमंद जिसको पढ़ाई में दिक्कत आ रही है नहीं पढ़ पा रहा है चाहे वह किसी भी धर्म का हो तो उसको अपने संस्थान में लाने से वह नहीं चूकते।
उनका एक उद्देश्य कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ के बच्चों को मजबूत शिक्षा देना है ताकि बच्चों की बेसिक शिक्षा मजबूत हो सके।
उनका दूसरा उद्देश्य उन बच्चों के लिए है जो हाईस्कूल या इंटर पास होकर के खाली टहल रहे हैं। उनको अपने संस्थान में लाकर रोजगार परक प्रोग्राम फ्री में करा करके टैली, इंग्लिश स्पीकिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का कोर्स करा करके नौकरी और रोजगार दिलाते हैं।
तमाम दिक्कतों परेशानियों के बावजूद अब तक तकरीबन 43 बच्चों को फ्री में पढ़ा करके नौकरी दिला चुके हैं। इसमें ऐसे ऐसे बच्चे शामिल हैं जिनके घर में खाना भी एक ही वक़्त खाया जाता था।
श्री तक़वी ने बताया कि उनका उद्देश्य लखनऊ के उन इलाकों में जहां पर शिया समुदाय के लोग बहुत खराब हालत में रह रहे हैं और शिक्षा का अभाव है वहां पर संस्था की शाखा खोलकर बच्चों को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना है साथ ही साथ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इसका मतलब यह नहीं है कि शिक्षा सिर्फ शिया छात्रों के लिए होगी बल्कि किसी भी धर्म जाति का छात्र हो अगर वह शिक्षा हासिल करना चाहता उसके सामने समस्याएं हैं तो यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट हमेशा ऐसे छात्रों के साथ खड़ा है।
लॉकडाउन में 15 मार्च 2020 से लगातार बंद होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक बार फिर से इंस्टिट्यूट को खोला। इस वक्त संस्था की प्रथम ब्रांच (हेड आफिस) यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट कैम्पबेल रोड पर स्थित है जहां पर कंप्यूटर, इंग्लिश स्पीकिंग ,पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, एकेडमिक एजुकेशन एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा छात्रों को प्रदान की जा रही है। बालागंज के पुराना तोपखाना लखनऊ क्षेत्र में दूसरी शाखा संचालित की जा रही है जिसमें कक्षा एक से कक्षा 8 तक के बच्चों को संपूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा बालागंज चौराहे पर एडमिशन एवं काउंसलिंग सेंटर की भी स्थापना की जा रही है ताकि बच्चों को एडमिशन और काउंसलिंग के लिए भटकना न पड़े।

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