।किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग में इम्पल्स अॉसिलोमीटर मशीन लग गई। दावा किया जा रहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पताल में यह पहली मशीन है वर्चुअल संगोष्ठी इसी अवसर पर आज आयोजित की गई इसमें एम्स रायपुर में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर सजल डे ने इम्पल्स ऑसिलोमीटर की विशेषताओं के बारे में बताया। अब इम्पल्स ऑसिलोमीटर मशीन से फेफड़े की कार्य क्षमता का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ सूर्यकांत ने कहा कि सभी स्तरों से इस वक्त मीटर से जांच हो रही है ।इसमें बच्चों और बुजुर्गो मे सांस के गंभीर मरीज़ों की जांच कठिन थी । छोटे बच्चों में जांच के वक्त खांसी आने लगती थी। नई मशीन में फूंकने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मशीन का ऊपरी हिस्सा मुंह में लगाना होता है। मशीन से अल्ट्रासाउंड की तरंग निकलती है। जो फेफड़े में जाती है।