भारत में सच्ची तेज गेंदबाजों की कमी नहीं है।लेकिन क्रिकेट संघों में राजनीति ने घरेलू क्रिकेट की युवा प्रतिभाओं को नुक्सान पहुंचाया है।आज आईपीएल में लखनऊ की ओर से मयंक यादव नाम के तेज गेंदबाज का डेब्यू हुआ।वह कितने प्रतिभाशाली हैं ये दावा अभी नहीं किया जा सकता है।लेकिन पहले मैच में ही पूत के पांव पालने में दिख गए हैं।गति के मामले वह भारत के अब तक के सबसे तेज गेंदबाज उमरान मलिक के वह निश्चित रूप से तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने इस मेच में 155.8 किलोमीटर की गति से गेंदबाजी की।जो इस वर्ष आईपीएल की अब तक सबसे तेज गेंद है।ये एक गेंद महज इत्तेफाक नहीं है। उन्होंने अपने 24 गेंद के कोटे में 8 गेंद 150 या उससे तेज फेंकी।147, 146, 150, 141, 147, 149, 156, 150, 142, 144, 153, 149, 152, 149, 147, 145, 140, 142, 153, 154, 149, 142, 152, 148.।
इस लिए ये माना जाना चाहिए कि वह तेज गेंद फेंकने की ताकत रखते हैं।वह दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।कर्नल सीके नायडू,देवधर ट्राफी,विजय हजारे,सै मुश्ताक अली ट्राफी में बीते सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन दिल्ली के चयनकर्ताओं की नजर उन पर नहीं पड़ी, जिससे रणजी ट्रॉफी में शामिल करते। वहीं राज लिम्बानी ने जूनियर विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया तो रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में खेले।अब उमरान मलिक को ही घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त मौका नहीं मिल रहा है। बीसीसीआई के संकेत के बाद भी मलिक को घरेलू टीम ने टीम में तो शामिल किया लेकिन अंतिम 11 में अवसर नहीं दिया। जबकि वह टी20 का गेंदबाज है ही नहीं।वैसे ही कुलदीप सेन भी इधर उधर भटक रहे हैं। जबकि 130 की अधिकतम रफ़्तार वाले मुकेश कुमार भारतीय टीम में हैं और गुड़गान भी गाये जा रहे हैं। बुमराह, सिराज और शमी कब-तक रफ्तार से बल्लेबाजों को पवेलियन भेजेंगे? केवल बल्लेबाजों का ज़ख़ीरा तैयार किया जा रहा है।तेज गेंदबाजी के क्षेत्र मे ऐसे गेंदबाज गिनती के ही हैं जिनके पास 150 की लगातार गति हो।
शाहिद नकवी





