दिनांकः 22.09.2024
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नाम ज्ञापन छात्रों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री मनोज पासवान के नेतृत्व में देकर डॉ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दलित ओबीसी छात्रों के उत्पीड़न के मामले को संसद में उठाने तथा कुलानुशासक की तानाशाही पर रोक लगवाने का अनुरोध किया है।
प्रतिनिधिमण्डल में सर्वश्री आशुतोष कुमार, चंदन कुमार, विनय कुमार, अभिषेक कुमार, नारायण कुमार, प्रशांत कुमार, गुरूदयाल रावत, खुर्शीद अहमद, खुशबू कुमारी, उत्कर्ष, सपन कुमार, अभिषेक गौतम शामिल थे।
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में नए नियम के अंतर्गत छात्र संगठन प्रतिबंधित रहेंगे। छात्र कोई सभा नहीं कर सकते हैं, छात्रों की मदद के लिए हेल्प डेस्क नहीं लगा सकते, अपने महापुरूषों की जयंती नहीं मनाई जा सकती, छात्र विश्वविद्यालय के हर नियम को मानने को बाध्य होंगे, कोई शिकायत करने पर छात्र को निष्कासित या एफआईआर कर विश्वविद्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में हक की लड़ाई लड़ रहे 23 छात्रों को जेल भेज दिया गया, आरटीआई मांगने पर 6 महीने के लिए निष्कासन हो जाता है, पेड़ लगाने पर निलंबन का दंड मिलता है और छात्रों पर मनमाने तरीके से 10 हजार रूपये तक का फाइन लगा दिया जाता है। इससे छात्र उत्पीड़न के शिकार हो रहे है। विश्वविद्यालय में शैक्षिक वातावरण नहीं रह गया है।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
डॉ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दलित ओबीसी छात्रों के उत्पीड़न के मामले अखिलेश यादव को दिया ज्ञापन




