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जोलोगलिबाससमेटतेहैंपैंटफ़ोल्डकरनाशर्टकीआस्तीनचढ़ानाउनकीनमाज़मेंशरीअतका_हुक्म

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हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बासرَضِیَ اللهُ عَنْهُ से रिवायत है नबी ए रहमतﷺ ने फरमाया “हमें हुक्म हुआ कि 07 हड्डियों पे सजदा करूँ और कपड़ों को ना समेटूँ और बालों से ना खेलूँ””

(📗सहीह बुखारी, जिल्द:01,किताब नं:10, किताबुल अज़ान, बाब:07 हड्डियों पे सजदे का बयान,हदीस:810 इंग्लिश:774)
(📗सहीह मुस्लिम, जिल्द:01,किताब नं:04,किताब उस’सलात, हदीस:490, इंग्लिश में 993)
(📗सुनन नसई, किताब नं:12,किताब अत’तत्बीक,हदीस:1093,1113,1115)

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बासرَضِیَ اللهُ عَنْهُ से रिवायत है नबी ए रहमतﷺ ने फरमाया “हमें हुक्म हुआ कि 07 हड्डियों पे सजदा करूँ और कपड़ों को ना समेटूं और बालों से ना खेलूँ दौरान ए नमाज़ में, वो हिस्सा है 02 हाँथ,02 पैर,02 घुटने, 1 नाक और पेशानी”
(📗सहीह बुखारी,जिल्द:01, किताबुल अज़ान, बाब:07 हड्डियों पे सजदे का बयान,हदीस:809, इंग्लिश में :773)

अल्लाह ताअला ने अपने महबूबﷺ को तीन चीज़ों का हुक्म दिया और ताक़ीद कि बार बार कि आप इन तीन चीज़ों पर सख्ती से अमल करें वो चीज़े ये हैं …👇🏻👇🏻

1- नमाज़ कि हालत में अपने बालों से ना खेलो।
2- जब सजदा करो तो 7 चीज़ों (पार्ट्स) पर सजदा करो 02 हाँथ,02 पैर, 02 घुटने, 01 नाक और पेशानी (इन दोनो को एक ही में शुमार किया गया)

3- नमाज़ पढ़ने में कपड़ों को ना समेटो।।

तो जब आप कपड़ा फ़ोल्ड करते हो यानी आप कपड़ा समेटते हो तो आपकी नमाज़ ना हुई बल्कि आपको नमाज़ दोहरानी है।नमाज़ मकरूह ए तहरीमी है नमाज़ दोहराना पड़ेगा।
इब्न अल मुंधिर रिवायत करते हैं कि “जो ऐसा करता है तो उसे अपनी नमाज़ दोहरानी चाहिए” और उन्होंने ये राय इमाम हसन अल बसरी से रिवायत कि है।
(📗इमाम इब्न हज्र अल हयथमी तुहफ़ात अल मिन्हाज, जिल्द:2 सफह: 161-162)

अगर बा नियत सुन्नत लिबास टखनो से ऊपर पहने तो सवाब का मुस्तहिक है वल्लाहु आलम सुम्मा रसूलो आलमﷺ

एक और अहम बात मुलाहिज़ा हो लिबास टखनो से ऊपर पहनने का मतलब कुछ अक्लपरस्त वहाबियों ने ये बना लिया कि टखनो से वो अपना पायजामा इज़ार इतना ऊपर पहनते हैं कि लगता है पायजामा नहीं ये 3/4 या बरमूडा पहना हुआ है और इतने में वो बड़ा फ़ख्र करते हैं कि सुन्नत पे अमल हो गया हालाँकि ये खुद का मज़ाक़ बनाना है जो ख्वारिजीन कि निशानियाँ हैं कि वोह इतना ऊंचा पायजामा पहनते थे। सुन्नत का माना ये है कि टखनो से थोड़ा ऊपर हो जैसे 1 इंच वो दुरुस्त है पर इनमे अकसर 5-6 इंच ऊपर पहनते हैं।
अल्लाह ताअला फ़ितना ए वहाबिया से उम्मत ए मुस्लिमा कि हिफाज़त फरमाए…आमीन।

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