मुंबई में 90 साल पुराने जैन मंदिर को तोड़े जाने के खिलाफ जैन समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया।
यह मंदिर विले पार्ले में स्थित भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर था,
जिसे बीएमसी ने हाल ही में ढहा दिया था। इस दौरान मूर्ति खंडित की गई और पवित्र शास्त्र अपमानजनक ढंग से फेंके गए। जैन समाज ने इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को मुंबई में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और निम्नलिखित मांगें रखीं:
मंदिर का पुनर्निर्माण*: भगवान पार्श्वनाथ मंदिर का तत्काल पुनर्निर्माण किया जाए।
-सरकारी खर्चे पर निर्माण*: यह कार्य सरकारी खर्चे पर 2-3 दिनों में पूर्ण किया जाए।
जैन धर्मस्थलों की सुरक्षा*:
भविष्य में जैन धर्मस्थलों की सुरक्षा की कानूनी गारंटी दी जाए।
दोषियों पर कार्रवाई*:
दोषी अधिकारियों और नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने बीएमसी अधिकारी नवनाथ घाडगे को निलंबित करने और मंदिर को उसके मूल स्थान पर फिर से बनाने की मांग की।
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के राजेश कुमार सेठी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर बीएमसी की कार्रवाई की जांच की मांग की है।
जैन समुदाय ने न्याय पाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और प्रशासन से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है ¹ ²।




