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ज़ुफर फ़ारुकी हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड के चौथी बार चेयरमैन, सपा प्रत्याशी बहुमत होने के बाद भी हारा

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माननीय हाई कोर्ट के आदेशानुसार उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों को चुनाव संपन्न हुआ जिसमें नामित सदस्यों मे से समाजवादी पार्टी के 6 अन्य 5 कुल योग 11 सदस्य हुए। इन्हीं 5 अन्य सदस्यों में से नवनिर्वाचित चेयरमैन जुफ़र फ़ारुकी भी शामिल थे ।
सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी जुफर फ़ारुकी के ख़िलाफ़ अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरना नही चाहती थी ।

लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के कार्यकारिणी महासचिव व बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक एडवोकेट ज़फरयाब जीलानी के दबाव के कारण समाजवादी पार्टी को अपना प्रत्याशी मैदान में उतारना पड़ा। चुनाव संपन्न हुआ सभी समझ रहे थे कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की जीत होना निश्चिंत है। लेकिन सपा सुल्तानपुर विधायक अबरार अहमद के क्रॉस वोटिंग ने आश्चर्यचकित कर दिया। जिसकी वजह से जुफर फ़ारुकी चौथी बार सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन नव निर्वाचित हुए। इसका विरोध एडवोकेट जफरयाब जीलानी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर किया और कहा समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना होगा । यह देख आनन-फानन में समाजवादी पार्टी ने सुल्तानपुर विधायक अबरार अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी किया जिसका जवाब विधायक को 1 सप्ताह में देना है। नवनिर्वाचित चेयरमैन जुफ़र फ़ारुकी पर आरोप है कि उन्होंने जिला सीतापुर के लहरपुर व मैनपुरी में सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीन को बेचने व खुर्द बुर्द करने का कार्य किया।

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