भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया में सुधार करने के लिए कदम उठाए हैं।
आरबीआई ने चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) शुरू किया है, जिससे चेक क्लीयरिंग में लगने वाला समय कम हो गया है।
सीटीएस के तहत, चेक की छवि इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचारित की जाती है, जिससे चेक क्लीयरिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है।
इस प्रणाली के माध्यम से, चेक क्लीयरिंग में अब केवल कुछ घंटे लगते हैं, जबकि पहले इसमें दो-तीन दिन लग जाते थे।
इसके अलावा, आरबीआई ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ मिलकर चेक क्लीयरिंग को और तेज़ बनाने के लिए काम किया है। एनपीसीआई ने चेक क्लीयरिंग के लिए एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम विकसित किया है, जिससे चेक क्लीयरिंग में लगने वाला समय और कम हो गया है।




