गाजा पट्टी पर इजरायल के हमले में हाल के दिनों में कई लोग मारे गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, गाजा पट्टी में इजरायली हमलों में 90 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इन हमलों में शिफा अस्पताल के पास उत्तरी शाती शरणार्थी शिविर में एक हमले में फिलिस्तीनी विधायिका के हमास सदस्य की मौत हो गई, साथ ही उसी इमारत में शरण लिए हुए एक पुरुष, एक महिला और उनके छह बच्चों की भी मौत हुई है।
इजरायली हमलों का वैश्विक स्तर पर विरोध हो रहा है, खासकर गाजा के एकमात्र कैथोलिक चर्च पर हुए हमले के बाद। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और पोप लियो ने इस हमले की निंदा की है। इजरायल ने इस हमले को दुर्घटना बताया है और कहा है कि वह नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना नहीं बनाता।
*विरोध और निंदा:*
– इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हमले की निंदा की और कहा कि इजरायल के कार्यों को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
– पोप लियो ने गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया और स्थायी शांति की उम्मीद जताई।
– ग्रीक ऑर्थोडॉक्स पैट्रिआर्केट ऑफ जेरूसलम ने इस हमले को मानव गरिमा पर हमला बताया और धार्मिक स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन माना है ¹ ²।
*स्थिति की गंभीरता:*
गाजा पट्टी में 21 महीने से चल रहे इजरायल-हमास युद्ध में अब तक 58,600 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों घायल हुए हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। इस युद्ध के कारण गाजा में बड़ा मानवीय संकट खड़ा हुआ है ³ ²।




