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कांग्रेस ने सत्ता के लिए असम के समाज को बांटा, लेकिन बीजेपी-एनडीए ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के जरिए असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के लोगों का जीवन बदलने के निरंतर प्रयास किए है

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गुवाहाटी, 2 अप्रैल 2026: असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, पहचान और जनकल्याण के मुद्दे केंद्र में हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी-एनडीए का कहना है कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता की राजनीति के लिए समाज को विभाजित करने का काम किया, जबकि उसकी सरकार ने असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट में सड़क, पुल, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम कर लोगों के जीवन में ठोस बदलाव लाने का प्रयास किया है।
बीजेपी नेताओं का दावा है कि असम और नॉर्थ ईस्ट अब पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी का परिणाम है कि राज्य में हाईवे, ब्रिज, रेलवे कनेक्टिविटी, मेडिकल सुविधाओं और औद्योगिक विकास की दिशा में कई अहम परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
बीजेपी-एनडीए का कहना है कि पहले असम राजनीतिक अस्थिरता, गुटबाजी और विभाजन की राजनीति से जूझता रहा, जिससे विकास की रफ्तार धीमी पड़ी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने राज्य में शांति, स्थिरता और निवेश का माहौल बनाने पर काम किया है। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही रोजगार, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की सबसे बड़ी कुंजी है।
केंद्र सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को देश के विकास का नया इंजन बनाने की रणनीति के तहत सड़क नेटवर्क, पुलों, हवाई अड्डों, रेल लाइन विस्तार और डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया है। असम को इस नीति का प्रमुख लाभार्थी बताया जा रहा है। सरकार के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बाजार, अस्पताल, शिक्षा संस्थान और रोजगार के अवसरों तक आसान पहुंच मिली है।
बीजेपी नेताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का काम किया, जबकि बीजेपी-एनडीए ने सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की राजनीति की है। पार्टी का दावा है कि असम के लोग अब भाषणों से ज्यादा जमीन पर दिखने वाले विकास कार्यों को महत्व दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में आने वाले चुनावों में विकास बनाम विभाजन, और स्थिर शासन बनाम पुरानी राजनीति जैसे मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। खास तौर पर नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में सड़क, पुल और कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने सरकार की छवि को मजबूती दी है।

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