लखनऊ 23 मई 2020 शिया वरिष्ट धर्मगुरु मौलाना डॉo कल्बे सादिक़ ने तबलीगी जमात का समर्थन किया तब से कुछ मुल्ला( तथाकथित धर्मगुरु), गोदीमीडिया एवं कुछ शरारती तत्व उन पर आरोप लगा रहे है
डॉ कल्बे सादिक़ के तब्लीगी जमात के समर्थन करने पर मौलाना कल्बे जवाद द्वारा डॉ कल्बे सादिक़ पर अनर्गल आरोप लगाया गया , जिसके जवाब मे आज कल्बे सिब्तैन नूरी, मेराज हैदर, कल्बे हुसैन ने सयुंक्त प्रेसवार्ता की.
कल्बे सिब्तैन ने कहा तब्लीगी जमात के 100 साल के इतिहास मे जमात के लोग किसी भी देश विरोधी कार्यों मे शामिल नहीं पाए गए, तब्लीगी जमात देश की एकता अखंडता के लिए काम करती है
तब्लीगी जमात का वहाबियत से कोई ताल्लुक़ नहीं,
उन्होंने मौलाना कल्बे जव्वाद द्वारा आरोप लगाया गया की भोपाल इज्तिमा मे १० मोहर्रम को 400 शादिया हुई जिसके जवाब मे भोपाल से खंडन आया की 400 शादियां तो दूर की बात चार शादियां भी नहीं हुई और हम लोग भी इमाम हुसैन( A.S.) को उतना ही मानते है जितना की एक ईमान रखने वाला मुसलमान।
उन्होंने बताया भोपाल मे तब्लीगी जमात का 23,24,25 नवंबर मे इज्तिमा होता है जिसमे सामूहिक शादियां कराई जाती है जिसको मौलाना कल्बे जव्वाद ने दस मुहर्रम से जोड़कर गलत संदर्भ मे पेश किया, जिससे समाज मे लोगो के बीच नफरत फैले।
उन्होंने कहा कुछ मुल्ला नागपुर के दबाओ मे आकर उनके इशारे पर अनर्गल आरोप लगा रहे है जिससे समाज मे फूट पड़ सके जो की आरएसएस का मुख्य उद्देश्य है
कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा मेरे पिता डॉo कल्बे सादिक़ हमेशा लोगो को जोड़ने की बात करते है जिस तरह शिया-सुन्नी एकता की बात करते है उतना ही हिन्दू-मुस्लिम एकता मे विश्वास करते है
कल्बे सिब्तैन ने मौलाना कल्बे जव्वाद के आरोपो का जवाब देते हुए कहा की अगर उन्हें वहाबियत से इतनी नफरत है तो आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से इस्तीफा क्यों नहीं देते है, बोर्ड मे भी वहाबी मसलक के लोगो का वर्चस्व है
अंत मे मेराज हैदर,कल्बे सिब्तैन नूरी, कल्बे हुसैन ने अवाम से अपील करते हुए कहा सभी लॉकडाउन का पालन करते हुए अबकी ईद की नामाज़ घर पर ही अदा करे और गरीबों और बेसहारा लोगो की मदद करे।