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ईरान-इजरायल युद्ध: इजरायल के रक्षा मंत्री की खामेनेई को कड़ी चेतावनी, “सद्दाम जैसा होगा अंजाम”

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ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव
ईरान और इजरायल के बीच तनाव हाल के दिनों में चरम पर पहुंच गया है, जो अब एक खुले युद्ध में बदल चुका है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में इजरायल ने भी ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर जोरदार पलटवार किया। इस बीच, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने खामेनेई को सीधी धमकी दी है, जिसमें उन्होंने इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन के अंजाम का जिक्र किया। यह बयान क्षेत्रीय तनाव को और गंभीर बनाता है।
ईरान का इजरायल पर हमला
17 जून 2025 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में युद्ध की घोषणा करते हुए कहा, “जंग शुरू हो गई है। हम आतंकी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देंगे और उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” इसके तुरंत बाद, ईरान ने इजरायल पर 25 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा और कुछ नागरिकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आईं।
ईरान ने अपने हमलों को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III’ का नाम दिया, जिसे उसने इजरायल की “लगातार आक्रामकता” के जवाब में शुरू किया। ईरान का दावा है कि ये हमले इजरायल के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए थे।
इजरायल का जवाबी हमला
इजरायल ने ईरान के हमलों का जवाब देने में देर नहीं की। इजरायली वायुसेना ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के प्रमुख परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इनमें नतांज और फोर्डो जैसे परमाणु संयंत्र शामिल थे, जहां यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के चीफ हुसैन सलामी, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नौ परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। इन हमलों ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को बड़ा झटका दिया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पीछे धकेल दिया है। यह अभियान हमारे अस्तित्व को खतरे में डालने वाले ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए है।”
इजरायल के रक्षा मंत्री का बयान
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने 17 जून 2025 को एक बयान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “खामेनेई को याद रखना चाहिए कि इजरायल का विरोध करने वाले एक तानाशाह का अंजाम क्या हुआ था।” काट्ज का इशारा इराक के पूर्व शासक सद्दाम हुसैन की ओर था, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बाद सत्ता से हटाया गया और फांसी दी गई थी।
काट्ज ने आगे कहा, “अगर खामेनेई ने इजरायल के खिलाफ अपनी नीति जारी रखी, तो उनका हाल भी सद्दाम जैसा हो सकता है।” यह बयान तब आया जब खबरें सामने आईं कि इजरायल ने खामेनेई को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी अनुमति नहीं दी।
खामेनेई की प्रतिक्रिया और बंकर में शरण
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के हमलों को “मूर्खतापूर्ण और दुर्भावनापूर्ण” बताया और कहा कि यह “ईरानी जनता की सहनशीलता की परीक्षा” है। उन्होंने पोस्ट करते हुए कहा, “जायोनी शासन ने हमारी धरती और आत्मा पर हमला किया है। उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।”
हालांकि, इजरायल के लगातार हमलों और उनकी हत्या की धमकियों के बीच खामेनेई ने सुरक्षा कारणों से तेहरान के लविजान इलाके में एक अत्यंत सुरक्षित भूमिगत बंकर में शरण ले ली है। उनके साथ उनका परिवार, जिसमें उनके बेटे मोजतबा भी शामिल हैं, मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बंकर को बम और मिसाइल हमलों से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कदम इजरायल की ओर से खामेनेई को निशाना बनाने की खबरों के बाद उठाया गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इजरायल और ईरान के बीच शांति के लिए कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।” ट्रंप ने खामेनेई के बारे में पूछे जाने पर सिर्फ “गुड लक” कहा, जिससे अटकलें तेज हो गईं।
G7: G7 नेताओं ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
भारत: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत सरकार से ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
वर्तमान स्थिति
ईरान और इजरायल के बीच युद्ध छठे दिन भी जारी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए अपने अभियान को और तेज कर दिया है, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की कसम खाई है। खामेनेई की हत्या की आशंका और इजरायल के रक्षा मंत्री के बयान ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है।
निष्कर्ष
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का बयान और खामेनेई के बंकर में शरण लेने की खबरें इस युद्ध की गंभीरता को दर्शाती हैं। दोनों देशों के बीच चल रहा यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी खतरा बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है, और आने वाले दिनों में इस युद्ध का रुख क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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