आज विश्व जल दिवस के अवसर पर सुप्रशिद्ध “पेंड़ वाले बाबा” के नाम से विख्यात जो पेड़ो के लिए ही अविवाहित रहकर पेंड़ सेवा हेतु निःस्वार्थ सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पेंड़ वाले बाबा ने आज जल दिवस पर देश वासियों को सन्देश देते हुए कहा कि रोज सुबह जब मैं अपने अभियान में सड़कों पर निकलता हूँ तो देखता हूँ कि लोग हजारो लीटर पानी कार, मोटरसाइकिल धोने एंव घर के बाहर रोड पर बहा देते है जो सवर्दा अनुचित है उन्हें ऐसा करने से मना करते है तो उन्हें बुरा लगता है मन ही मन गाली देते है और घृणा की दृष्टि से देखते है । जरा सोचिए प्यास की कितनी तड़प होती है जब धरा पर पानी ही नही होगा तो उस समय की तस्वीर को अपने मन मे सोचिये तब क्या होगा, इसलिए जल के स्रोत तालाब, कुंवा को न पाटे पेंड़ व जंगल को नष्ट न करें । जल के बिना जीवन सम्भव नही है इसलिए जल को बचाना नितांत आवश्यक है ।