असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी सरकार के 30 दिन पूरे होने के मौक़े पर बीते गुरुवार को राज्य के ‘आप्रवासी मुसलमानों’ से जनसंख्या नियंत्रण के लिए ‘उचित परिवार नियोजन नीति’ अपनाने की अपील की थी.
लेकिन मुख्यमंत्री ने राज्य में मुसलमानों के कथित जनसंख्या विस्फोट की बात ऐसे समय की है, जब प्रदेश में उनकी सरकार अतिक्रमण की भूमि को ख़ाली कराने के लिए अभियान चला रही है।
नतीजतन मुख्यमंत्री हिमंत सरमा के इस बयान की न केवल राजनीतिक स्तर पर आलोचना की जा रही है, बल्कि कई लोग पाँचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आँकड़ों के हवाले से उन पर जनसंख्या नियंत्रण के ज़रिए ‘आप्रवासी मुसलमानों’ को निशाना बनाने के भी आरोप लगा रहे हैं.