अमेरिकी फौज 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से निकल जाएगी। इसके पहले वो तालिबान और अलकायदा पर नजर रखने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। अमेरिका कोशिश कर रहा है कि उसे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर एयर या मिलिट्री बेस मिल जाएं, ताकि वो यहां से आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले कर सके। ऊपरी तौर पर पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में खबरें हैं कि पिछले दिनों CIA चीफ एक बेहद सीक्रेट विजिट पर पाकिस्तान आए थे। हालांकि, पाकिस्तानी फौज और सरकार इस मामले पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
वैसे, सच्चाई कुछ और है। दरअसल, पाकिस्तान ने 2001 में अमेरिका से एक समझौता किया था। इसके तहत अमेरिकी फौज पाकिस्तान के एयरबेस और एयरस्पेस इस्तेमाल कर सकती है। यानी पुराना समझौता रद्द नहीं किया गया, बल्कि इमरान सरकार सिर्फ नए समझौते से इनकार कर रही है।