टल बिहारी वाजपेयी जी के नाम से चिकित्सा विश्वविद्यालय बनेगा, जिससे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज सम्बद्ध रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 03 वर्षों में चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। प्रदेश में जहां पहले 12 मेडिकल कॉलेज थे, 03 वर्षों में 29 नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। प्रदेश में 02 एम्स भी बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक गोरखपुर में तथा एक रायबरेली में बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 24 करोड़ की जनता का अभिनन्दन करते हुए कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी के संक्रमण व मृत्यु दर रोकने में उनका अपूर्व योगदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से लड़ाई में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि जब तक कोरोना महामारी की वैक्सीन नहीं आ जाती और संक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक सभी लोग पूरी सावधानी बरतें तथा ‘02 गज की दूरी, मास्क जरूरी’ के नियम का पूरी तरह पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंडल के जनपदों में पहले मेडिकल कॉलेज नहीं थे। गत वर्ष से जनपद बहराइच के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा शुरू हो गई है। गोण्डा में चिकित्सा महाविद्यालय खोला जा रहा है तथा बलरामपुर के इस मेडिकल कॉलेज को लेकर अब देवीपाटन मडंल में तीन-तीन मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के नौजवानों को नौकरी देने के लिए दृढ़संकल्पित है। अब तक 03 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी दी गई है और प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर प्रकार की बाधाओं को दूर करते हुए नौजवानों को नौकरी दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Government of UP ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के अनुरूप योजनाएं जन-जन तक पहुंचा रही है। मंडल के थारू जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ऋण माफी तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। बलरामपुर चीनी मिल के द्वारा समय से गन्ना मूल्य का भुगतान होने के कारण किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है।