समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने देशवासियों को माहे रमजान की बधाई देते हुए कहा है कि रमजानुल मुबारक माह में हमदर्दी और सब्र की सीख मिलती है। इस माह में अल्लाह अपनी रहमतों और बरकतों की बारिश करता है। उन्होंने कहा कि रमजान का मकसद बुराइयों से बचना और नेकियों पर चलना भी है। इसलिए रमजान को नेकियों का मौसम-ए-बहार भी कहा जाता है ¹।
रमजान का महत्व इस्लामी धर्म में बहुत अधिक है। यह इस्लामी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस माह में मुस्लिम समुदाय रोजे रखता है, जो कि सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रहने का अभ्यास है। रमजान को इबादत, दान और आत्म-अनुशासन का महीना माना जाता है ²।
रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं, जो कि अल्लाह के प्रति अपनी भक्ति और आज्ञाकारिता प्रकट करने का एक तरीका है। रोजे रखने से व्यक्ति में आत्म-अनुशासन, धैर्य और त्याग की भावना पैदा होती है। इसके अलावा, रमजान के दौरान लोग दान-पुण्य और अच्छे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं ³।





