उत्तर प्रदेश के अंडा उत्पादक किसानों का धरना प्रदर्शन 13 फरवरी से लखनऊ में जारी है, जिसमें उन्होंने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें *एनईसीसी पर पूर्ण प्रतिबंध*, *अंडे के रेट निर्धारण समिति का गठन*, और *अंडों पर खाद्य सुरक्षा मानकर प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप अंडों पर उत्पादन तिथि, उत्पादन का स्थान एवं अंतिम उपभोग अवधि अंकित करने* जैसे संवैधानिक प्रावधानों को तुरंत लागू करने की मांग शामिल है।
किसानों का आरोप है कि एनईसीसी और अन्य अंडा माफिया महीनों तक कोल्ड स्टोरेज में अंडा रखकर बेच रहे हैं, जिससे प्रदेश के किसानों का ताजा अंडा उत्पादन लागत से भी कम मूल्य पर बिक रहा है। समिति के अध्यक्ष वी पी सिंह ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि अंडा उत्पादकों एवं सरकार की पोल्ट्री पॉलिसी को असफल करने में जुटे हुए एनईसीसी और अन्य अंडा माफियाओं के खिलाफ है।





