2025–26 में रिकॉर्ड उपलब्धि के साथ भारत ने वैश्विक ऊर्जा मंच पर मजबूत दावेदारी पेश की, अमेरिका को पीछे छोड़ने की चर्चा तेज
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नई दिल्ली। भारत ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। साल 2025–26 के दौरान देश ने 38 गीगावॉट सौर ऊर्जा जोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि के बाद भारत का मेगा ग्रिड 256 गीगावॉट तक पहुंच गया है, जो देश की ऊर्जा क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दर्शाता है।
यह उपलब्धि भारत को एक मजबूत वैश्विक पावर हाउस के रूप में और भी सशक्त बनाती है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर जुड़ने से न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ी है, बल्कि देश की स्वच्छ ऊर्जा दिशा भी मजबूत हुई है। इससे आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार की नीतियों, निजी निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है। लगातार बढ़ती खपत के बीच इतनी बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा का ग्रिड से जुड़ना भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का भी संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक मजबूती, पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी कारण भारत को अब दुनिया के उभरते ग्लोबल पावर हाउस के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत की बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक छलांग, 38 गीगावॉट सौर ऊर्जा जोड़कर 256 गीगावॉट के मेगा ग्रिड तक पहुंचा देश


