G7 का बड़ा फैसला: 10 करोड़ बैरल तेल-डीजल बाजार में आएगा, 20 दिनों में शुरू होगी बड़ी डीजल खेप
नई दिल्ली | 3 अक्टूबर 2026 | शाबू ज़ैदी
दुनियाभर में बढ़ती तेल और डीजल की कीमतों के बीच G7 देशों ने आपातकालीन तेल भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन जारी करने का फैसला किया है। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। G7 के संयुक्त बयान के अनुसार, यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी और करीब चार महीने तक चलेगी।
इस योजना में डीजल की बड़ी मात्रा को शुरुआती 20 दिनों में बाजार में उतारने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके बाद बाकी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) समन्वय की भूमिका निभाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूरोपीय देशों द्वारा बड़े पैमाने पर डीजल भंडार जारी करने की बात कही है। G7 नेताओं का कहना है कि मौजूदा ऊर्जा संकट के बीच तत्काल आपूर्ति बढ़ाना जरूरी है, ताकि ईंधन बाजार में अस्थिरता और उपभोक्ताओं पर बढ़ते मूल्य दबाव को कम किया जा सके।
ऊर्जा बाजार में मौजूदा दबाव के पीछे ईरान से जुड़ा क्षेत्रीय संघर्ष, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर जोखिम तथा रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भू-राजनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। G7 ने ऊर्जा और पेट्रोलियम उत्पादों के आपसी निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
G7 के इस कदम से आने वाले दिनों में वैश्विक तेल और डीजल बाजार में आपूर्ति की स्थिति पर असर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतों में कितनी और कितने समय तक राहत मिलेगी, यह आगे की वैश्विक आपूर्ति, मांग और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
