श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चुनाव आयोग और SIR पर धांधली के आरोप लगाए हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब चुनावों में गड़बड़ी का तरीका बदल गया है और वोटों की चोरी EVM के जरिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची से नाम हटाकर की जा रही है।
उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि चुनाव से पहले EVM में धांधली की बात पर वह यकीन नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार असली खेल मतदाता सूची के स्तर पर होता है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं, जिससे लोगों को अपने मतदान अधिकार से वंचित होना पड़ता है। उनके इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मुख्यमंत्री ने चुनावी पारदर्शिता को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर मतदाता सूची ही निष्पक्ष न हो, तो पूरे चुनावी तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सबसे जरूरी यह है कि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और किसी भी स्तर पर उसका नाम हटाकर उसे मतदान से दूर न किया जाए।
उमर अब्दुल्ला के इस बयान को विपक्षी राजनीति में चुनावी सुधारों की मांग के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर समेत राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
उमर अब्दुल्ला का बड़ा आरोप: अब EVM नहीं, चुनाव आयोग और SIR के जरिए हो रही वोटों की चोरी




