ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा 22 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में आयोजित ‘वक्फ बचाओ सम्मेलन’ की प्रमुख झलकियां निम्नलिखित हैं:
बड़ी संख्या में भागीदारी: देशभर से हजारों मुसलमानों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें प्रमुख उलेमा, मुस्लिम संगठनों के नेता, और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
वक्फ संशोधन अधिनियम का विरोध: सम्मेलन में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया गया। AIMPLB ने इसे इस्लामी मूल्यों, शरीयत, और भारतीय संविधान के मूल ढांचे पर हमला करार दिया।
प्रमुख वक्ताओं का संबोधन: सम्मेलन में AIMPLB के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, महासचिव मौलाना मोहम्मद फजल रहीम मुजद्दिदी, और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी जैसे दिग्गज नेताओं ने संबोधित किया। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि वक्फ की रक्षा करना मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य है और इस मामले में समुदाय की एकजुटता को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन: AIMPLB ने जोर देकर कहा कि यह सम्मेलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था। यह ‘वक्फ बचाव अभियान’ का हिस्सा था, जो 11 अप्रैल से शुरू होकर 7 जुलाई तक चलेगा।
आगामी योजनाओं की घोषणा: सम्मेलन में भविष्य के विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा साझा की गई, जिसमें 24 अप्रैल को दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में जमात-ए-इस्लामी के लीगल विंग द्वारा एक और सम्मेलन, 27 अप्रैल को महाराष्ट्र में मुस्लिम संगठनों का जमावड़ा, और 30 अप्रैल को देशव्यापी ‘बत्ती गुल’ कार्यक्रम शामिल हैं। 7 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों की संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की योजना भी घोषित की गई।
सामुदायिक एकता पर जोर: सम्मेलन में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को मुस्लिम समुदाय की एकता और धार्मिक पहचान से जोड़ा गया। AIMPLB ने अन्य समुदायों और विपक्षी दलों से भी समर्थन मांगा, ताकि इस कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन को बल मिले।
लाइव प्रसारण और सोशल मीडिया उपस्थिति: सम्मेलन का सीधा प्रसारण मिल्लत टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर किया गया, और सोशल मीडिया पर #SaveWaqfSaveConstitution जैसे हैशटैग के साथ इसे व्यापक प्रचार मिला।
यह सम्मेलन AIMPLB के ‘वक्फ बचाव अभियान’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता और धार्मिक महत्व को बनाए रखना है।
AIMPLB का दिल्ली तालकटुरा स्टेडियम में वक्फ बचाओ सम्मेलन




