भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में दो अत्याधुनिक युद्धपोत, उदयगिरि और हिमगिरि, नौसेना में शामिल किए जाएंगे। यह समारोह विशाखापत्तनम नौसेना बेस पर आयोजित किया जाएगा।
*इन युद्धपोतों की खासियतें:*
– *उदयगिरि और हिमगिरि*: ये दोनों युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत बने हैं और मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हैं।
– *तकनीकी विशेषताएं*: ये युद्धपोत स्टील्थ तकनीक और घातक हथियारों से लैस हैं, जो दुश्मन के रडार को आसानी से चकमा दे सकते हैं।
– *हथियार और उपकरण*: इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, तोपें और अर्नाला शामिल हैं, जो इन्हें अत्यधिक प्रभावी बनाते हैं।
– *आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन*: इन युद्धपोतों के निर्माण में 200 से अधिक भारतीय कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिससे 4,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 10,000 से अधिक को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला.
*इन युद्धपोतों का महत्व:*
– *हिंद महासागर में ताकत*: उदयगिरि और हिमगिरि के शामिल होने से हिंद महासागर में भारत की पकड़ और मजबूत होगी।
– *चीन और पाकिस्तान को संदेश*: यह कदम चीन और पाकिस्तान को सीधा संदेश है, जो हिंद महासागर में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं ¹।




