भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में रूस की तीन दिवसीय यात्रा की, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के उद्देश्य से हुई थी।
*मुलाकात के मुख्य बिंदु:*
– *भारत-रूस संबंध*: जयशंकर ने पुतिन से मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, ऊर्जा, उर्वरक, स्वास्थ्य, कौशल व गतिशीलता, रक्षा, और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
– *अंतरराष्ट्रीय मुद्दे*: दोनों नेताओं ने यूक्रेन, यूरोप, ईरान, पश्चिम एशिया, अफगानिस्तान और भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े मुद्दों पर भी विचार साझा किए।
– *शिखर सम्मेलन*: जयशंकर ने विश्वास जताया कि उनकी चर्चाएं सार्थक साबित होंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच इस वर्ष के अंत में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन को सफल बनाएंगी।
– *रणनीतिक साझेदारी*: लावरोव के साथ अपनी बैठक में जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे को “विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदार” मानते हैं और मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में बहुध्रुवीय व्यवस्था के निर्माण में दोनों देशों की भूमिका महत्वपूर्ण है ¹ ²।



