सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति की
जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चीन ने 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है।
कोर्ट ने कहा कि अगर राहुल गांधी सच्चे भारतीय होते, तो वह सार्वजनिक रूप से ऐसे असत्यापित दावे नहीं करते। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने पूछा कि राहुल गांधी को कैसे पता चला कि चीन ने 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है? क्या उनके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है?
*सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियाँ:*
– कोर्ट ने राहुल गांधी के बयान को बिना प्रमाण के और गुमराह करने वाला बताया।
– न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि एक सच्चा भारतीय सार्वजनिक रूप से ऐसे असत्यापित दावे नहीं करेगा।
– कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ सेना जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना नहीं है ¹ ² ³।
*मामले की पृष्ठभूमि:*
राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दावा किया था कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। इस बयान के बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इस बयान से संबंधित गांधी के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही पर रोक लगा दी है ⁴ ³।




