उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज में बीडीएस अंतिम वर्ष की छात्रा श्वेता सिंह ने 24 जुलाई को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। श्वेता जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थी और एक पुलिस कांस्टेबल की इकलौती बेटी थी।
*आरोप और सुसाइड नोट*
श्वेता के सुसाइड नोट में कॉलेज प्रशासन और दो संकाय सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसने लिखा है कि कॉलेज में पैसे वालों को पास कर दिया जाता है, जबकि मेहनती छात्रों को बार-बार फेल किया जाता है। श्वेता ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन मानसिक उत्पीड़न करता है और छात्रों से पैसे वसूलता है।
*छात्रों का विरोध प्रदर्शन*
श्वेता की आत्महत्या के बाद कॉलेज में छात्रों ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज और हॉस्पिटल का मेन गेट बंद कर दिया और “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाए। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है और आर्थिक रूप से शोषण करता है।
*पुलिस जांच*
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। श्वेता के परिजन जम्मू-कश्मीर से उदयपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। छात्रों की मांग है कि जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो और कॉलेज प्रशासन को पूरी तरह बदला जाए।
*क्या यह शिक्षा प्रणाली की विफलता है?*
यह घटना न सिर्फ एक छात्रा की मौत का मामला है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। निजी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव, पैसे वसूली और मानसिक शोषण की यह एक और दर्दनाक मिसाल है ¹ ² ³।




