नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025*: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ऑपरेशन सिंदूर, और पहलगाम आतंकी हमले जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने चर्चा की मांग की, जिसके चलते सदन में कोई ठोस कामकाज नहीं हो सका।
*विपक्ष का प्रदर्शन और नारेबाजी*
सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों, खासकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने बिहार में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, और अखिलेश यादव सहित कई सांसदों ने संसद परिसर में काली पट्टी बांधकर और काले कपड़े लहराकर विरोध जताया।
*लोकसभा स्पीकर की नाराजगी*
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा करने वाले सांसदों को चेतावनी दी और कहा, “सदन में सड़क का व्यवहार न करें, देश आपको देख रहा है।” उन्होंने तख्तियां लहराने वाले सांसदों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही, लेकिन विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर 2 बजे तक, और अंततः गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
*सत्ता पक्ष का रुख*
सत्ता पक्ष ने विपक्ष के हंगामे पर नाराजगी जताई। भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि विपक्ष जनता के पैसे को बर्बाद कर रहा है और सार्थक चर्चा में बाधा डाल रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि वह ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले जैसे मुद्दों पर अगले सप्ताह चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा में 28 जुलाई और राज्यसभा में 29 जुलाई को इन मुद्दों पर बहस होगी, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे।
*प्रस्तावित विधेयक*
हंगामे के बीच राष्ट्रीय खेल विधेयक (स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल) पेश करने की संभावना थी, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को कानून के दायरे में लाने और खेल संगठनों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है। हालांकि, हंगामे के कारण यह प्रस्ताव भी चर्चा में नहीं आ सका।
*निष्कर्ष*
संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया, जिससे विधायी कार्य प्रभावित हुआ। विपक्ष के तीखे विरोध और सत्ता पक्ष के जवाबी रुख के बीच संसद की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित रही। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म होने की उम्मीद कम नजर आ रही है।





