प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घाना की संसद को संबोधित करते हुए भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक दक्षिण को अनदेखा किए बिना दुनिया कभी भी प्रगति नहीं कर सकती। अपने संबोधन में, उन्होंने घाना के लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रशंसा की और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रकाश डाला।
*प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की मुख्य बातें:*
– *लोकतंत्र का महत्व*: पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह हमारे मौलिक मूल्यों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चर्चा और बहस को बढ़ावा देता है और लोगों को एकजुट करता है।
– *भारत-घाना संबंध*: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और घाना के बीच दोस्ती घाना के मशहूर शुगरलोफ अनानास से भी ज्यादा मीठी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
– *वैश्विक दक्षिण की आवाज*: पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि ग्लोबल साउथ को आवाज दिए बिना प्रगति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाने का प्रयास किया गया था ¹ ²।





