जापान के क्यूशू में स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी में हाल ही में एक जबरदस्त विस्फोट हुआ। इस विस्फोट के दौरान ज्वालामुखी से निकलने वाले राख का गुबार 3000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने इस विस्फोट के बाद आसपास के क्षेत्रों में राख गिरने और ज्वालामुखीय चट्टानों के गिरने की चेतावनी दी है।
*ज्वालामुखी विस्फोट के कारण:*
– *टेक्टोनिक प्लेटों की स्थिति*: जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जो इसकी ज्वालामुखीय गतिविधि को बढ़ावा देती हैं। सकुराजिमा ज्वालामुखी फिलीपीन सागर प्लेट के यूरेशियन प्लेट के नीचे सबडक्ट होने के कारण सक्रिय रहता है।
– *मैग्मा की निरंतर आपूर्ति*: मैग्मा गैसों और उच्च तापमान से भरपूर होता है, जिससे दबाव बढ़ता है और वह समय-समय पर विस्फोट के रूप में निकलता है।
– *ज्वालामुखी का स्ट्रैटोवोल्केनो प्रकार*: सकुराजिमा एक स्ट्रैटोवोल्केनो है, जो विस्फोटक प्रवृत्ति वाले ज्वालामुखियों का प्रकार होता है ¹।
*विस्फोट के प्रभाव:*
– *राख का गुबार*: विस्फोट के बाद ज्वालामुखी से निकलने वाले राख का गुबार 3000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता में कमी आई।
– *स्थानीय निवासियों को सतर्क किया गया*: विस्फोट के बाद स्थानीय निवासियों को सतर्क किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई ²।





