जालंधर, 14 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह पंजाब के आदमपुर एयर फोर्स स्टेशन (एएफएस) का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के वीर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जवानों और अधिकारियों के साहस और समर्पण की सराहना की। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “आज सुबह मैं एएफएस आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही खास अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी रहेगा, क्योंकि वे हमारे देश के लिए हर काम करते हैं।”
ऑपरेशन सिंदूर और सामरिक महत्व
प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के सैन्य तनाव के बाद हुआ, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद शुरू हुआ था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 9-10 मई को आदमपुर एयरबेस सहित कई भारतीय ठिकानों पर हमले का दावा किया, लेकिन पीएम मोदी की मौजूदगी ने इन दावों को खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार, पीएम ने जवानों से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी ली और उनके जोश की सराहना की।
पाकिस्तान के दावों का खंडन
पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसकी मिसाइलों ने आदमपुर एयरबेस के रनवे को नष्ट कर दिया, लेकिन पीएम मोदी की यात्रा और वहां की तस्वीरों ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में पीएम मोदी एयरबेस की दीवार के सामने खड़े हैं, जहां लिखा है, “दुश्मन पायलट ठीक से क्यों नहीं सो पाते?” यह न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश भी देता है। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी पीएम के साथ मौजूद थे।
जवानों का उत्साह और पीएम का संदेश
आदमपुर एयरबेस पर पीएम मोदी ने लगभग एक घंटे तक समय बिताया, जिसमें उन्होंने लड़ाकू पायलटों और तकनीकी सहायता स्टाफ से भी मुलाकात की, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हमलों को अंजाम दिया था। जवानों ने पीएम को ऑपरेशन की सफलता और अपनी तैयारियों के बारे में बताया। पीएम ने जवानों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, “चलो आपके सारे साधनों का एक बार इस्तेमाल तो हुआ। आपको लगता होगा टेक्नोलॉजी सीख तो रहे हैं पर पता नहीं कब काम आएगी?” इस बयान ने जवानों का उत्साह और बढ़ा दिया।
रणनीतिक और मनोबल बढ़ाने वाला कदम
पीएम का यह दौरा न केवल सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने वाला था, बल्कि यह भारत की सैन्य तैयारियों और रणनीतिक दृढ़ता का भी प्रतीक माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा भारत के ‘नए भारत’ के दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो आतंकी हमलों का जवाब देने के साथ-साथ सीमा पर हर साजिश को कुचलने की ताकत रखता है। सोशल मीडिया पर भी इस दौरे की खूब चर्चा हो रही है, जहां लोग पीएम के इस कदम को ‘निर्णायक और निर्भीक’ बता रहे हैं।
आदमपुर एयरबेस का ऐतिहासिक महत्व
आदमपुर एयरबेस, जो पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित है, ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख केंद्र है और हाल के तनाव में भी इसने अपनी रणनीतिक उपयोगिता साबित की है। पीएम की मौजूदगी ने न केवल इस एयरबेस की अहमियत को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हर पल तैयार है।
राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद दौरा
इससे पहले, सोमवार रात को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों की तारीफ की थी और पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया था। उनके इस दौरे को उस संबोधन का तार्किक विस्तार माना जा रहा है, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि यह भारत की सैन्य ताकत, जवानों के साहस और राष्ट्रीय एकता का भी जीवंत उदाहरण है। यह दौरा आने वाले समय में भारत की विदेश नीति और रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा: वायु योद्धाओं के साथ मुलाकात, सशस्त्र बलों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त




