लखनऊ के लुलु मॉल के छविग्रह में महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी शिक्षाविद् सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष पर आधारित फिल्म ‘फुले’ का प्रदर्शन हुआ। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और महात्मा फुले के सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
फिल्म ‘फुले’ में 18वीं शताब्दी में दलित, पिछड़े और महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव और उत्पीड़न की सच्चाई को उजागर किया गया है। महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले ने वंचित, शोषित और दलित समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव के प्रति विरोध चेतना जगाई और अपने हक और सम्मान के लिए मनुवादी तत्वों के सामने निर्भीकता से खड़े होने पर बल दिया।





