जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ आतंकी हमला आतंकवाद के क्रूर और कायराना चेहरे को फिर से उजागर करता है। इस हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक पर्यटक की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हुए, जिनमें चार की हालत गंभीर है। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस हमले को “अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक” बताते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया और केंद्र व राज्य सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
हमले का क्रूर स्वरूप
पहलगाम के बैसरन इलाके में आतंकियों ने घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। खुफिया सूत्रों के अनुसार, दो से तीन हमलावर पुलिस या सेना की वर्दी में थे। आतंकी संगठन TRF (द रेजिस्टेंट फ्रंट) ने हमले की जिम्मेदारी ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पहले पर्यटकों का नाम और धर्म पूछा, फिर गोलीबारी शुरू की। एक महिला पर्यटक ने अपने पति को धर्म के आधार पर निशाना बनाए जाने का दिल दहलाने वाला विवरण साझा किया। इस हमले में कुछ घोड़े भी घायल हुए।
प्रियंका गांधी का कड़ा बयान
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में गहरा आक्रोश और दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर कायराना आतंकी हमला अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक कृत्य है। निहत्थे-निर्दोष आम नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।” उन्होंने आगे कहा, “पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और इसकी कड़े स्वर में निंदा करता है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति दें और घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
नेताओं और सरकार की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले को “बेहद घृणित” बताते हुए श्रीनगर रवाना होने की बात कही। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल आपात बैठक बुलाई, जिसमें खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शाह ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुरक्षाबलों का त्वरित एक्शन
हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। CRPF की क्विक रिएक्शन टीमें तैनात की गईं, और सेना-पुलिस के जवान जंगलों व पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकियों की तलाश कर रहे हैं।
पहलगाम और पर्यटन पर असर
पहलगाम, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप के लिए जाना जाता है, पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। इस हमले ने पर्यटन उद्योग को गहरा झटका दिया है और आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती है।
देश की एकजुटता
यह हमला ऐसे समय में हुआ, जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इस तरह की घटनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था और कश्मीर की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। देश भर के नेताओं, संगठनों और नागरिकों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की है।
निष्कर्ष
पहलगाम का यह आतंकी हमला आतंकवाद की अमानवीय और कायराना मानसिकता को दर्शाता है। निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाना जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास की प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाने होंगे। साथ ही, देशवासियों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहकर इस चुनौती का डटकर मुकाबला करना होगा।
पहलगाम आतंकी हमला: मानवता पर कायराना प्रहार, प्रियंका गांधी सहित देश की एकजुट निंदा




