पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूसों के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रयासों से शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। राज्य सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिसके परिणामस्वरूप कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रामनवमी के जुलूस पूरे राज्य में निकाले गए, जिनमें कई स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
हुगली जिले में आयोजित शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। तृणमूल कांग्रेस ने जुलूसों में शामिल लोगों के लिए पानी और मिठाई का वितरण किया। राज्य सरकार ने सुरक्षा के लिए 29 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया था, जिनमें से कई संवेदनशील इलाकों में तैनात थे ¹।
*रामनवमी जुलूसों के दौरान किए गए सुरक्षा इंतजाम:*
– *पुलिस बल की तैनाती*: राज्यभर में 29 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया था।
– *निगरानी*: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करके निगरानी रखी गई।
– *एस्कॉर्ट*: जुलूसों के साथ पुलिस एस्कॉर्ट दल तैनात किए गए थे।
– *आपातकालीन सेवाएं*: आपातकालीन सेवाओं के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमें और पीसीआर वैन तैनात की गई थीं।
इन इंतजामों के कारण रामनवमी के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और राज्य में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। ¹




