इलाहाबाद हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर महाभियोग की मांग की है। एसोसिएशन ने यह मांग एक जनरल बॉडी मीटिंग में की, जहां उन्होंने सीबीआई और ईडी जांच की अनुमति देने और जस्टिस वर्मा को हिरासत में लेने का सुझाव भी दिया गया ¹।
एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच को खारिज करते हुए निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने अंकल जज सिंड्रोम, हाईकोर्ट में खाली पदों को भरने और वर्मा के दिए गए फैसलों की समीक्षा की भी अपील की गई ¹।
इस मामले में वकीलों ने सांकेतिक हड़ताल की, लेकिन मंगलवार से काम पर लौटेंगे। यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और पारदर्शिता पर सीधा आघात है और इससे आम जनता का भरोसा डगमगा सकता है ²।




