होली और रमजान का जुम्मा: एकता और मोहब्बत का संदेश
होली और रमजान का जुम्मा एक साथ एक दिन होना भी, यह ऊपर वाले की हमारी परीक्षा थी कि क्या हम सत्य की असत्य पर जीत के दिन समाज में एक दूसरे की जिंदगी में खुशी का रंग घोलने का त्योहार मना सकते हैं?
होली और रमजान दोनों ही त्योहारों का मकसद एक ही है – गरीबी अमीरी भेदभाव और जाति उच्च नीच को मिटाने के साथ-साथ इंसानियत और भाईचारा कायम करना। देश के तमाम भाइयों ने दोनों परंपरागत त्योहारों को बहुत प्यार से मनाया।
कुछ जगह देखने को मिला कि मुस्लिम भाई हमारे हिंदू भाई को होली खेलने के समय पानी और कोल्ड ड्रिंक खुद रोजा रख कर पिला रहे हैं। जुम्मे की नमाज अदा करने जा रहे लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए, नमाजियों पर फूल बरसाना – यही हमारा देश, यही हमारे देश के संस्कार हैं।
जिसको आज तक कोई भी विदेशी ताकत नहीं तोड़ पाई। हम रोज़े में ऊपर वाले से यही दुआ करते हैं कि जब तक दुनिया है हमारे देश में एकता और मोहब्बत कायम रख और हमारा देश हर क्षेत्र में सबसे अव्वल आए।




