आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बयान में कहा है कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जानी चाहिए, क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को सच्ची स्वतंत्रता इसी दिन मिली थी ¹।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बयान की निंदा की है, कहा कि यह शर्म की बात है कि आजादी मिलने के बाद वह इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं ²। खरगे ने आगे कहा कि आरएसएस और भाजपा के लोगों को आजादी का दिन इसलिए याद नहीं है, क्योंकि उनके वैचारिक पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं है ²।





