पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उनके द्वारा देश में अर्पित कार्य और उनके देशवासियों के लिए उपदेश याद करना उचित होगा। उन्होंने अपने जीवनकाल में देश की सेवा में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी उनकी सादगी, देशभक्ति, और ईमानदारी।
उनके कुछ प्रमुख योगदान इस प्रकार हैं:
– *भारतीय स्वाधीनता संग्राम में भागीदारी*: शास्त्री जी ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई बार जेल भी गए।
– *प्रधानमंत्री के रूप में सेवा*: वह 1964 से 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने देश की एकता और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
– *जय जवान-जय किसान का नारा*: उन्होंने जय जवान-जय किसान का नारा दिया, जो देश के जवानों और किसानों के योगदान को सलाम करने का एक तरीका था।
– *1965 का भारत-पाक युद्ध*: उनके नेतृत्व में भारत ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी।
– *ताशकंद समझौता*: उन्होंने ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हुई।
उनके उपदेश और संदेश इस प्रकार हैं:
– *सादगी और ईमानदारी*: उन्होंने अपने जीवन में सादगी और ईमानदारी को महत्व दिया और देशवासियों से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया।
– *देशभक्ति*: उन्होंने देशभक्ति को सबसे बड़ा धर्म बताया और देशवासियों से अपने देश की सेवा करने का आह्वान किया।
– *एकता और संगठन*: उन्होंने देश की एकता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया और देशवासियों से एकजुट होकर देश की सेवा करने का आग्रह किया।
इन उपदेशों और संदेशों को याद करके हम उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा ले सकते हैं और अपने देश की सेवा में योगदान दे सकते हैं ¹।





