लद्दाख के पैंगोंग झील में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सेना द्वारा अनावरण के खिलाफ स्थानीय लोगों ने अपनी असहमति व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस प्रतिमा के निर्माण से पहले उनसे कोई परामर्श नहीं किया गया और न ही लद्दाखी संस्कृति से इसका कोई संबंध है ¹।
इस प्रतिमा का अनावरण 26 दिसंबर, 2024 को फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स द्वारा किया गया था। यह प्रतिमा 14,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और महाराजा शिवाजी की वीरता और दूरदर्शिता के प्रतीक के रूप में खड़ी है ¹।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा लद्दाखी संस्कृति के अनुरूप नहीं है और इसके निर्माण से पहले उनसे परामर्श करना चाहिए था। यह मुद्दा लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों के अधिकारों के बारे में एक महत्वपूर्ण बहस को उठाता है ¹।




