रक्षाबंधन का उल्लेख कई प्राचीन सनातन ग्रंथो में मिलता
एक पौराणिक कथा के अनुसार रक्षाबंधन का त्यौहार महाभारत काल से प्रारंभ हुआ है, जब द्रोपती ने भगवान कृष्ण की कलाई पर एक धागा बांदा और उन्हें अपना भाई बना लिया
एक कथा के अनुसार राजा बलि और देवी लक्ष्मी से जुड़ी है,
जब लक्ष्मी देवी ने राजा बलि की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था और उन्हें अमर बना दिया था,
इतिहास से जुड़ा है कि अकबर बादशाह को कर्मावती ने रक्षा सूत्र भेजा था,
क्योंकि अकबर बादशाह उनके राज्य पर आक्रमण करने वाला था, रक्षा सूत्र प्राप्त होने के बाद अकबर बादशाह ने अपना आक्रमण रोक दिया,और रानी कर्मावती को एक पत्र लिखा और उसके साथ अनेकों उपहार, जिसमें से हाथी भी शामिल था, भेज कर उनको बहन स्वीकार कर लिया
मुझको बचपन से ही ये त्यौहार बहुत पसंद है, मै अपनी जगह ये समझता हूं कि इस त्यौहार को किसी धर्म से न जोड़ते हुए, हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी यही है और एक आशा से एक बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बांधकर उसे अपनी रक्षा की प्रतिज्ञा लेती है,इस रक्षा प्यार-भरोसे के त्यौहार को हमारी सभी बहनों को बहुत-बहुत बधाई मुबारक हो
शाबू ज़ैदी




