चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनाव की तिथि का घोषणा कर दिया है। मुख्य चुनाव आयोग राजीव कुमार ने बताया कि याद रहकर 370 और 35 ए संशोधन होने के बाद पहली दफा विधानसभा चुनाव होने जा रहा है
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होंगे। 18 सितंबर, 25 सितंबर, 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी ।
4 अक्टूबर को काउंटिंग होगी। और हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर 1 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके बाद 4 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित होंगे। आयोग ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से 74 जनरल, 9 ST और 7 SC हैं। मतदाताओं की संख्या कुल 87.09 लाख हैं जिसमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिला मतदाता होंगे। जम्मू-कश्मीर में युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 42.6 लाख महिलाओं सहित कुल 87.09 लाख मतदाता हैं और इनके मतदान के लिए कुल 11,838 मतदान केंद्र होंगे। उन्होंने कहा कि इस पूर्ववर्ती राज्य के सभी उम्मीदवारों को उनके राजनीतिक पार्टी की मांग के अनुसार आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। केंद्र सरकार ने साल 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था।
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 5 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवारों का पर्चा दाखिल 12 सितंबर तक किए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 सितंबर होगी। हरियाणा के कुल 90 विधानसभा क्षेत्रों में 2.01 करोड़ मतदाता हैं जिनमें 95 लाख महिलाएं हैं। हरियाणा इस समय भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इसका कार्यकाल तीन नवंबर को पूरा हो रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा ने जननायक जनता पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव में सीट साझेदारी को लेकर असहमति के बाद ये गठबंधन टूट गया था। बाद में भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर अपनी सरकार बचा ली।





