मेरा और डॉक्टर अनूप का गुज़र रूमी गेट के पास से हुआ,
वहां एक नेत्रहीन व्यक्ति रोड पार करने के लिए सभी आने-जाने वालों से गुहार लगा रहा था,ये आवाज़ हम दोनों के कान में गई,
तो मै किनारे गाड़ी लगा ही रहा था कि डॉक्टर अनूप गाड़ी से उतरे और उस नेत्रहीन व्यक्ति को रोड पार कराकर ई-रिक्शा पर बैठा दिया, हम लोग वहां थोड़ा रुक कर ये सोच रहे थे कि इंसान कितना व्यस्त हो गया है कि किसी विकलांग की मदद को नहीं रुक रहा है, इतनी देर में हमारी नजर पुरातत्व विभाग द्वारा रिपेयर हुए रूम गेट पर पड़ी, बहुत खूबसूरत लग रहा था,डॉ अनूप ने कहा कि इसमें एक कमी लग रही है गेट के दोनों कोने भी पेंट हो जाता तो इस गेट में चार चांद लग जाते,
मेरी व लखनऊ वासियों और ऐतिहासिक इमारतो से प्रेम करने वालों की तरफ से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं उन लोगों का जिन्होंने इस गेट को बचाने एवं रिपेयरिंग करवाने में शासन प्रशासन मे दौड़ भाग की, और उन लोगों का भी जिन्होंने सोशल मीडिया या हर मंच से रूमी गेट को बचाने की आवाज उठाई,
अब आप सब से गुज़ारिश है कि छोटा इमामबाड़ा का पहला गेट, नौबत खाने की जर्जर अवस्था को देखते हुए उसको बचाने की अपनी-अपनी मुहीम शुरू करें????
रूमी गेट के बाद अब छोटे ईमान वाले का पहला गेट व नौबत खाने की रिपेयरिंग की कोशिश करें क़ौम



