भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: 64 सदस्यीय संगठन में 18 सांसदों को जगह, स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी; यूपी से 8 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी की बहुप्रतीक्षित नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी। संगठन में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों, महिलाओं, विभिन्न सामाजिक वर्गों और अलग-अलग राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। नई टीम में 64 राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 18 मौजूदा सांसद और 10 महिलाएं हैं।
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव
नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा संगठन महामंत्री, सह-संगठन महामंत्री, कोषाध्यक्ष तथा विभिन्न मोर्चों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार रहे राम माधव, बैजयंत पांडा और अन्य वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। राम माधव की पार्टी संगठन में वापसी को इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी की बड़ी वापसी
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। उनके साथ हरीश द्विवेदी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, बिप्लब कुमार देब और संजय भाटिया समेत नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की पुष्टि भी अलग रिपोर्टों में हुई है।
स्मृति ईरानी की वापसी को भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय संगठन में फिर महत्वपूर्ण भूमिका मिली है।
यूपी को मिला खास महत्व, 8 नेताओं को जगह
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को जगह मिली है। इनमें स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा, हरीश द्विवेदी, भोला सिंह, संगीता यादव, अमरपाल मौर्य, डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली प्रमुख नाम हैं। यूपी से आठ नेताओं की भागीदारी को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
खास तौर पर डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने से अल्पसंख्यक समाज तक भाजपा की पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा तेज हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश से आने वाले मुस्लिम चेहरे हैं।
संगठन में बड़े बदलाव
नई टीम के साथ भाजपा ने कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किया है। अमित मालवीय को आईटी सेल की जिम्मेदारी से हटाकर दीपक म्हस्के को आईटी और सोशल मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं तेजस्वी सूर्या की जगह हेमंग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान सौंपी गई है।
इसी तरह पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
नई राष्ट्रीय टीम में भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत पदाधिकारी वंचित/हाशिए के सामाजिक वर्गों से आते हैं। टीम में पूर्वोत्तर राज्यों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। नागालैंड की राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
टीम में डॉक्टर, प्रोफेसर, वकील, इंजीनियर और अन्य पेशेवर पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी शामिल किया गया है। भाजपा ने युवा और अनुभवी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। रिपोर्ट के अनुसार छह पदाधिकारी 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि 15 सदस्य 40-49 वर्ष और 21 सदस्य 50-59 वर्ष आयु वर्ग में हैं।
2027 और 2029 के लिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का गठन ऐसे समय हुआ है जब पार्टी कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी है। उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए विशेष महत्व रखता है। इसके अलावा संगठन की नई संरचना को आगे चलकर 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि अनुभव और ऊर्जा के मिश्रण वाली यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति देगी और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में योगदान करेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य: उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार नई राष्ट्रीय टीम में 8 सांसद नहीं, बल्कि 18 मौजूदा सांसद शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश से 8 नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिली है। इस वजह से “8 सांसदों” वाली जानकारी के बजाय “18 सांसदों वाली नई टीम” कहना अधिक सटीक होगा।
