लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेजुबानों की जुबान, बेसहारों का सहारा,दुखियो का दुखहर्ता,वंचितों का स्वाभिमान,गरीबों का सम्मान, उपेक्षितो का निगहबान,पिछड़ों का बल,दलितों का सबल,वंचितों का संबल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री,पूर्व रेल मंत्री भारत सरकार आदरणीय लालू यादव जी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई।
आज़ादी के चार दशक बीत जाने के बाद कई सरकारें आई लेकिन सामाजिक ऊंच-नीच नहीं मिटा पाई। तब बराबरी शून्य के बराबर थी। समतामूलक समाज की परिकल्पना भी बहुत बड़ी चुनौती थी।
तब बिहार के एक मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय का आयाम पेश करते हुए दलित-पिछड़ों-शोषितों को ऐसी ताक़त दी, जिससे वो 10 फीसदी सामंतवादियों के आगे तन के खड़े हो गए। देश की 90 फीसदी आबादी पहली बार ज़मीन से उठकर खाट-कुर्सियों पर बैठने लगी, पढ़ने लगी, अपने हक के लिए लड़ने लगी।
ये 90 का दौर था। उन 10 फ़ीसदी सामंतों में से कुछ ज़ाहिल इसे जंगलराज कहते हैं। उन्हें लालू प्रसाद चुभता है। चुभने दीजीए। लालूजी ज़िंदाबाद रहेंगे।




