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प्रश्न- रोजेदार के लिए सहरी और नियत का आखिरी वक्त क्या होगा?

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7 रमजान 30 मार्च 2023

कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124

प्रश्न- अगर किसी इंसान को दिन में एक निश्चित समय पर दवाई लेना जरूरी हो तो उसके लिए रोज़े का क्या हुक्म है?
उत्तर- रोजा रखे और हालते रोजा मे समय पर दवा ले तो उसका रोजा बातिल होगा और अगर उसी वर्ष स्वस्थ हो जाता है तो रोजे की कज़ा करे वरना हर रोजे के बदले उसे 750 ग्राम गेहूं या आटा गरीब दे।
प्रश्न- रोजेदार के लिए सहरी और नियत का आखिरी वक्त क्या होगा?
जवाब अगर रोजेदार को सुबह की अज़ान के वक्त का पूरा यक़ीन हो तो सुबह की अज़ान से पहले सहरी खायी जा सकती है और नीयत की जा सकती है। बेहतर है कि सुबह की अजान से 10 मिनट पहले सहरी करले।
सवाल अगर कोई शख्स रोज़े की हालत में सफ़र करे तो उसका क्या हुक्म है?
जवाब अगर रोजेदार 4 फरसख (यानी 20 कि0मी0) से कम सफर करे तो रोजा सही होगा या रोजेदार ज़वाल के बाद सफर कर सकता है।
प्रश्न यदि कोई व्यक्ति कुरान की आयत से रोज़े के वाजिब होने का इनकार करता है तो क्या हुक्म है?
जवाब अगर कोई शख़्स क़ुरआन की आयत से रोज़े के फर्ज़ होने का इन्कार करे तो ऐसा शख़्स काफिर हो जाएगा।
सवाल क्या ख़ुम्स का पैसा किसी ग़रीब की दवाई के लिए दिया जा सकता है?
जवाब अगर कोई व्यक्ति मोमिन है और शरीयत को मानता है और सैय्यद है तो उसे खुम्स से सहम सादात दी जा सकती है।
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